(1) दोष (Fault) :- कार्बन-ब्रुश के नीचे चिनगारियाँ उत्पन्न होना।
सम्भावी कारण (Possible Causes) - इसके निम्न कारण सम्भव हैं -
(a) ब्रुश का उदासीन अक्ष (Neutral axis) पर न होना I
(b) कार्बन ब्रुश, अनुपयुक्त ग्रेड का होना।
(c) सम्पर्क प्रतिरोध (Contact resistance) का कम होना।
(d) ब्रुश-होल्डर का टेढ़ा अर्थात् तिरछा लगा होना ।
(e) ब्रुश की सतह का कम्युटेटर की सतह से पूर्ण रूपेण स्पर्श न काना ।
(f) स्प्रिंग द्वारा ब्रुश पर अधिक दाब डाला जाना।
(g) कम्युटेटर की सतह पर ब्रुश का उछल-कूद (Jump) करना।
(h) मशीन का अति भारित (Over loaded) होना l
(i) कम्युटेटर पर गंदगी व कार्बन का जमा होना ।
(j) कार्बन ब्रुश का अति खराब होना।
(2) दोष (Fault) :- मोटर को स्टार्टर करते ही फ्यूज का उड़ जाना।
सम्भावी कारण (Possible Causes) - इस दोष के निम्न कारण सम्भव हैं -
(a) मोटर के स्टार्टर का ऑन (on) स्थिति में रह जाना।
(b) स्टार्टर के प्रतिरोध को तेजी के साथ कट (कम) करना।
(c) मोटर के स्टार्टर में दोष का होना।
(d) परिपथ में लघुपथ दोष का होना।
(3) दोष (Fault) :- मोटर धीमी गति से घूमना।
सम्भावी कारण (Possible Causes) - इस दोष के निम्न कारण सम्भव हैं -
(a) स्टार्टर के रजिस्टेन्स का आर्मेचर सर्किट में पूर्णरूपेण कट (पृथक) न होना ।
(b) आर्मेचर सर्किट में लघुपथ दोष (s.c.f) का होना।
(4) दोष (Fault) :- मोटर की गति का अत्यधिक बढ़ जाना ।
सम्भावी कारण (Possible Causes) - इस दोष के निम्न कारण सम्भव हैं -
(a) प्रदाय वोल्टता (Supply Voltage) का बढ़ जाना।
(b) शंट फील्ड वाइंडिंग के किसी संयोजन का खुल जाना।
(c) कम्पाउन्ड मोटर में शंट तथा सिरीज फील्ड वाइंडिंग (कॉइल्स) का एक-दूसरे के विरोध में कार्य करणा अर्थात् डिफ्रेंशियल कम्पाउन्ड मोटर की तरह से कार्य करना ।
(5) दोष (Fault) :- मोटर का विपरीत दिशा में घूमना।
सम्भावी कारण (Possible Causes) - इस प्रदोष के निम्न कारण सम्भव हैं -
आर्मेचर अथवा फील्ड दोनों में से किसी एक के संयोजनों का गलत हो जाना। इसलिए संयोजन को सही करिए।